चालीसा शब्द की उत्पत्ति चालिस शब्द से हुई है, जिसका अर्थ अंकों में 40 है। चालीसा एक भक्ति गीत हैं। चालीसा में 40 (४०) चौपईयाँ होती है। चालीसा के आरम्भ एवं अन्त में परिचय हेतु दोहे भी हो सकते हैं।
चालीसा के पाठ से मानसिक शांति मिलती है और मन में चल रही उधेड़ बुन से मुक्ति मिलती है जिससे व्यक्ति को अच्छी नींद आती है और जीवन में उन्नति का मौका मिलता है।इनके ध्यान से पुरूष बलवान और वीर्यवान होता है। जो लोग अक्सर बीमार रहते हैं या काफी उपचार के बाद भी जिनका रोग दूर नहीं होता उन्हें नियमित चालीसा का पाठ करना चाहिए।
चालीसा पाठ धन-धान्य तथा सुख समृद्धि को देने वाला होता है। चालीसा पढ़ने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। चालीसा पढ़ने से हर तरह का भय चला जाता है।
चालीसा का पाठ कैसे पढ़ते हैं?
मान्यता है की पूजा ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद प्रातः काल 4 से बाज 5 बजे के अंतराल करना सबसे उत्तम होता है। यदि आप शाम के समय चालीसा का पाठ करते हैं, तो संध्याकाल वंदना चंद्रोदय के बाद करना उचित माना जाता है। चालीसा को सुबह या शाम के समय लाल रंग के आसान पर बैठकर पढ़ सकते हैं।

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