Benifits of chalisa, हिंदू धर्म में चालीसा क्या है?

चालीसा शब्द की उत्पत्ति चालिस शब्द से हुई है, जिसका अर्थ अंकों में 40 है। चालीसा एक भक्ति गीत हैं। चालीसा में 40 (४०) चौपईयाँ होती है। चालीसा के आरम्भ एवं अन्त में परिचय हेतु दोहे भी हो सकते हैं।

चालीसा के पाठ से मानसिक शांति मिलती है और मन में चल रही उधेड़ बुन से मुक्ति मिलती है जिससे व्यक्ति को अच्छी नींद आती है और जीवन में उन्नति का मौका मिलता है।इनके ध्यान से पुरूष बलवान और वीर्यवान होता है। जो लोग अक्सर बीमार रहते हैं या काफी उपचार के बाद भी जिनका रोग दूर नहीं होता उन्हें नियमित चालीसा का पाठ करना चाहिए।
Jai Shree Ram

चालीसा पाठ धन-धान्य तथा सुख समृद्धि को देने वाला होता है। चालीसा पढ़ने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। चालीसा पढ़ने से हर तरह का भय चला जाता है।

चालीसा का पाठ कैसे पढ़ते हैं?

मान्यता है की पूजा ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद प्रातः काल 4 से बाज 5 बजे के अंतराल करना सबसे उत्तम होता है। यदि आप शाम के समय चालीसा का पाठ करते हैं, तो संध्याकाल वंदना चंद्रोदय के बाद करना उचित माना जाता है। चालीसा को सुबह या शाम के समय लाल रंग के आसान पर बैठकर पढ़ सकते हैं।

Read Chalisa


Ekadashi vrat importance: बेहद खास है एकादशी का व्रत, क्या है इसका महत्व?

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। तभी तो इसे व्रतों का राजा कहा जाता है। एकादशी व्रत में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। मान्यता है जो व्यक्ति इस व्रत को सच्चे मन से करता है उसे उसके सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
साल में 24 एकादशी पड़ती है, जबकि महीने में दो एकादशी का व्रत पड़ता है. इन सभी एकादशियों का अपना अलग-अलग महत्व होता है. एकादशी का व्रत श्रीहरि अर्थात भगवान विष्णु के लिए व्रत रखा जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से भगवान श्रीहरि के साथ माता लक्ष्मी जी की भी विशेष कृपा भक्तों को मिलती है.



एकादशी उपवास एक तीन दिवसीय व्रत है। भक्तगण उपवास के दिन से एक दिन पूर्व मध्याह्नकाल में एक समय ही भोजन ग्रहण करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि, अगले दिन पेट में भोजन के अंश शेष न रह जाये। भक्तगण एकादशी के दिन कठोर उपवास का पालन करते हैं तथा अगले दिन सूर्योदय पश्चात् ही उपवास खोलते हैं। एकादशी व्रत के समय सभी प्रकार के अन्न एवं अनाज का सेवन वर्जित होता है।
भक्तगण अपनी इच्छा एवं शारीरिक शक्ति के अनुरूप निर्जला, केवल जल, केवल फल तथा एक समय फलाहार ग्रहण करके उपवास का पालन कर सकते हैं। हालाँकि, इस तथ्य का निर्धारण व्रत आरम्भ करने से पूर्व ही कर लेना चाहिये।
read more

Benifits of chalisa, हिंदू धर्म में चालीसा क्या है?

चालीसा शब्द की उत्पत्ति चालिस शब्द से हुई है, जिसका अर्थ अंकों में 40 है। चालीसा एक भक्ति गीत हैं। चालीसा में 40 (४०) चौपईयाँ होती है। चालीस...