श्री सत्यनारायण पूजा कथा, विधि, सामग्री


श्री सत्यनारायण पूजा भगवान नारायण की कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु की जाती है, जो भगवान विष्णु के ही विभिन्न रूपों में से एक हैं। इस रूप में भगवान को सत्य का अवतार माना जाता है। यद्यपि सत्यनारायण पूजा करने का कोई निश्चित निर्धारित दिन नहीं होता है, किन्तु पूर्णिमा अथवा पौर्णमी के अवसर पर सत्यनारायण पूजा करना अत्यन्त शुभ माना जाता है।

भक्तों को पूजा के दिन व्रत का पालन करना चाहिये। प्रातःकाल तथा सन्ध्याकाल में भी पूजा की जा सकती है। हालाँकि सन्ध्या के समय सत्यनारायण पूजा करना अधिक उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि भक्त सायँकाल में प्रसाद के द्वारा व्रत खोल सकते हैं।

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